NOIDA NEWS: UP RERA के प्रयासों से प्रोमोटर ‘मेसर्स वेव वन प्रा.लि.’ की गौतम बुद्ध नगर स्थित ‘वेव वन’ परियोजना के एक आवंटी फिरोज अली को ब्याज समेत 6 वर्षों बाद इकाई का कब्जा दिलवाया।
प्रोमोटर ने आवंटी के पक्ष में प्राधिकरण से जारी ‘आदेश का पालन’ करते हुए एग्रीमेन्ट फॉर सेल के इकाई का कब्जा दिया तथा कब्जा देने में हुए विलम्ब के ब्याज का समायोजन शेष बकाया राशि में किया जिससे आवंटी की देनदारी न्यूनतम करा दी गई। दोनों पक्षों के मध्य हुए समझौते के अनुसार आवंटी को केवल रुपये 6 लाख 85 हजार का भुगतान करना होगा और कब्जा लेने की प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी। जबकि वास्तविक बकाया राशि लगभग 18 लाख थी।
UP RERA से वसूली प्रमाण पत्र जारी
होने के आदेश के बाद प्रोमोटर ने आवंटी के समक्ष समझौते का प्रस्ताव रखा था जिसके अनुसार इकाई का कब्जा और कब्जा मिलने में हुई देरी का ब्याज देना शामिल था। आवंटी ने प्रस्ताव स्वीकार करते हुए समझौता पत्र/ एग्रीमेन्ट पर हस्ताक्षर कर लिया तथा प्रोमोटर ने इसकी एक प्रतिलिपि UP RERA प्राधिकरण में जमा कर दी।
लगभग 6 वर्ष बाद इकाई का कब्जा तथा विलम्ब अवधि का ब्याज का समायोजन अंतिम मांग राशि मने होने से आवंटी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्राधिकरण के प्रयासों की सराहना की। UP RERA से जारी आदेशों एवं कन्सिलीऐशन फोरम के माध्यम से लगभग 7400 से ज्यादा मामलों में लगभग रुपये 2,925 करोड़ मूल्य की परिसंपत्तियों को विवाद मुक्त कराया गया है।
2013 में लगभग रुपये 48 लाख का भुगतान UP RERA
राजस्थान प्रदेश के निवासी, फिरोज़ अली ने प्रोमोटर की व्यावसायिक परियोजना वेव वन में लगभग रुपये 66 लाख के लागत की एक इकाई हेतु वर्ष 2013 में लगभग रुपये 48 लाख का भुगतान किया था। ‘एग्रीमेन्ट फॉर सेल’ के अनुसार आवंटी को वर्ष 2017 तक कब्जा प्राप्त होना था। लेकिन तय समय तक इकाई का कब्जा न मिलने और संतोषजनक निर्माण प्राप्त न होने की स्थिति में आवंटी ने 2021 में UP RERA में शिकायत (NCR144/02/70767/2021) दर्ज करके निवेशित धनराशि वापस दिलाने की मांग की थी। सुनवाई में पारित आदेश आवंटी के पक्ष में आया था जिसका अनुपलान प्रोमोटर द्वारा किया जाना था।
आवंटी ने पारित आदेश का कार्यान्वन सुनिश्चित करवाने हेतु पोर्टल पर ऑनलाइन ‘आदेश का अनुपालन कराने का अनुरोध’ दर्ज किया था। मामले में अग्रिम सुनवाई करते हुए प्राधिकरण ने प्रोमोटर के विरुद्ध ‘वसूली प्रमाण पत्र’ जारी करने का आदेश दिया था। इसी बीच प्रोमोटर द्वारा परियोजना पूर्ण होने के उपरान्त आवंटी को कब्जा देने का प्रस्ताव दिया गया जिससे विवाद का आपसे समझौते से समाधान सम्पन्न हो गया
UP RERA के नए अध्यक्ष संजय भूस रेड्डी के कमाण्ड संभालने के बाद मामलों में आई तेजी
UP RERA के चेयरमैन ने बताया कि बिल्डर पिछले 6 साल से आवंटित को चकमा दे रहा था आवंटी को कब जाना मिलने से अवंतियों में रोज व्याप्त था जिसको देखते हुए up रेरा के अध्यक्ष ने बिल्डर से अवंतियों को कब्ज दिलवाया अवंतियों के मुताबिक वर्ष 2013 में ही बिल्डर ने उनसे 48 लख रुपए वसूल लिए थे इसके बाद लगातार वह बिल्डर अवंतियों को फ्लैट आवंटन नहीं कर रहा था जिसका संज्ञान अप रेरा के अध्यक्ष ने लेते हुए अवंतियों को तुरंत कब्जा दिलाने के लिए बिल्डर को आधे सेट किया जिसके बाद अवंतियों को कब्जा मिला
बिल्डर द्वारा जारी एग्रीमेंट में अवंती को 2017 में ही कब्जा मिल जाना चाहिए था मगर 2023 आने तक भी बिल्डर फ्लैट पर कब्जा देने में आनाकानी कर रहा था जिसका संज्ञान अप रेरा के अध्यक्ष ने लेते हुए बिल्डर को तुरंत ही प्लेट आवंटन के आदेश जारी किया जिसके बाद अवंती के चेहरे पर खुशी नजर आई साथ ही अप रेरा के अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे बिल्डरों पर दंड लगाने की आवश्यकता है प्राधिकरण के अध्यक्ष के आदेश के बाद अवंतियों ने खुशी जाहिर करते हुए रेरा प्राधिकरण का धन्यवाद किया