ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में ऑनलाइन कामकाज पिछले पांच दिनों
से ठप है। इससे कामों के निस्तारण में देरी हो रही है। इसके चलते आवंटियों और शहर के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा। हालांकि, अब मैन्युअल काम शुरू हो गया है, ताकि लोगों के काम लंबित न रहें।
प्राधिकरण का कहना है कि कंपनी के साथ अनुबंध की समय सीमा पूरा हो गई है। उसका नवीनीकरण
कराने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द कामकाज शुरू हो जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में तत्कालीन
मुख्य कार्यपालक अधिकारी नरेंद्र भूषण ने ऑनलाइन सुविधा शुरू की थी। इसके लिए टेक महिंद्रा कंपनी
से अनुबंध किया गया था। कंपनी से करीब 66 करोड़ रुपये का करार किया गया था। करार के बाद
कंपनी ने ईआरपी सिस्टम लागू किया। इसके सिस्टम के जरिये आवंटियों और शहरवासियों को सारी
सुविधाएं ऑनलाइन दी जानी थीं।
तमाम सुविधाओं को ऑनलाइन कर दिया गया और इसके जरिए काम शुरू हो गया। प्राधिकरण में
मैन्युअल फाइलों पर काम बंद हुआ और ऑनलाइन फाइलें जाने लगी। अधिकारी के पास उसके सिस्टम
में फाइल पहुंच जाती और वह अपनी प्रक्रिया पूरी करते हुए फाइल को आगे बढ़ा देते हैं। यह काम सुचारु
रूप से चल रहा था।
पिछले पांच दिनों से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में ऑनलाइन काम बंद हुआ है। काम
बंद होने से फाइलों के निपटान में देरी हो रही है। इसके चलते ट्रांसफर मेमोरेंडम और एनओसी समेत
तमाम तरह के काम लंबित होने लगे हैं। इसके चलते आवंटियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा
है। हालांकि, ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण में अब मैन्युअल फाइल की जा रही हैं, लेकिन इसमें भी
समय लग रहा है। आवंटी प्राधिकरण आते हैं और वह लौट जाते हैं।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि कंपनी के साथ अनुबंध की समय सीमा खत्म हो
गई है। इसके चलते ऑनलाइन काम बाधित हुआ है। कंपनी के साथ नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही है।
यह प्रक्रिया जल्दी पूरी हो जाएगी। इसके बाद प्राधिकररण में काम पटरी पर लौट आएगा। पहले की तरह
फाइलें ऑनलाइन होने लगेंगी।