जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर माल्या अर्पण कर नमन किया

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नोएडा। भारतीय सोशलिस्ट मंच के प्रदेश कार्यालय स्थित सैक्टर 11 पर स्वतंत्रता सेनानी जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर माल्या अर्पण कर नमन किया।

इस अवसर पर मंच के प्रभारी देवेन्द्र अवाना ने कहा नारायण ने क्रांति’ नामक आन्दोलन चलाया। वे समाज-सेवक थे, जिन्हें ‘लोकनायक’ के नाम से भी जाना जाता है। 1998 में उन्हें मरणोपरान्त भारत रत्न से सम्मनित किया गया। पटना के हवाई अड्डे का नाम उनके नाम पर रखा गया है। दिल्ली सरकार का सबसे बड़ा अस्पताल ‘लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल’ भी उनके नाम पर है।

पटना के गांधी मैदान में छात्रों की विशाल समूह के समक्ष ‘सम्पूर्ण क्रान्ति’ का उद्घोष
पाँच जून के पहले छात्रों – युवकों की कुछ तात्कालिक मांगें थीं, जिन्हें कोई भी सरकार जिद न करती तो आसानी से मान सकती थी। लेकिन पाँच जून को जे॰ पी॰ ने घोषणा की—

“भ्रष्टाचार मिटाना, बेरोजगारी दूर करना, शिक्षा में क्रांति लाना, आदि ऐसी चीजें हैं जो आज की व्यवस्था से पूरी नहीं हो सकतीं; क्योंकि वे इस व्यवस्था की ही उपज हैं। वे तभी पूरी हो सकती हैं जब सम्पूर्ण व्यवस्था बदल दी जाए।

जिलाध्यक्ष देवेन्द्र गुर्जर ने कहा कि लोकनायक नें सम्पूर्ण क्रांति में सात क्रांतियाँ शामिल है— राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, बौद्धिक, शैक्षणिक व आध्यात्मिक क्रांति। इन सातों क्रांतियों को मिलाकर सम्पूर्ण क्रान्ति होती है।

जय प्रकाश नारायण जिनकी हुंकार पर नौजवानों का जत्था सड़कों पर निकल पड़ता था। बिहार से उठी सम्पूर्ण क्रांति की चिंगारी देश के कोने-कोने में आग बनकर भड़क उठी थी। जे॰ पी॰ के नाम से मशहूर जयप्रकाश नारायण घर-घर में क्रांति का पर्याय बन चुके थे।

इस मौके पर नरेन्द्र शर्मा गौरव मुखिया विक्की तंवर, सन्नी गुर्जर
देवेन्द्र अवाना, देवेंद्र गुर्जर, विद्याराम पप्पू राम कोसल आदि कल्याणकारी मित्र उपस्थित रहे।

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