नोएडा प्राधिकरण
Noida सुप्रीम कोर्ट के करीब 25 साल पुराने आदेश को नोएडा प्राधिकरण ठेंगा देखा रहा है। इसको लेकर समाजसेवी संस्था कोनरवा के अध्यक्ष पीएस जैन ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को एक पत्र लिखा।
आरोप है कि लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति न होने के कारण लाखों लोग दूषित पानी पीने को मजबूर है। प्राधिकरण बार-बार नोटिस और सुचना दिए जाने के बावजूद आंखें मूंदे बैठा है और जांच के नाम पर सिर्फ आयोग बनाकर समय बिता रहा है।पत्र में पी.एस. जैन ने प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि प्राधिकरण के पास पर्याप्त संसाधन हैं।वह अन्य विभागों और योजनाओं में करोड़ों रुपये उधार दे सकता है, लेकिन नागरिकों के मौलिक अधिकार और अपनी नैतिक जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए पैसा खर्च करने में आनाकानी करता है।
पीएस जैन ने कहा कि प्राधिकरण रिजर्व पाइपलाइन पर छोटे-छोटे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर गंगा जल में शुद्ध पानी को मिक्स करें।जब प्राधिकरण सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नालों के पानी को शुद्ध करने के लिए छोटे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगा सकता है, तो फिर नागरिकों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) क्यों नहीं लगा सकता।कोनरवा के अध्यक्ष पीएस जैन ने सीईओ से आग्रह किया कि लाखों नागरिकों को शुद्ध पेयजल देने के लिए एक ठोस नीति बनाकर उसे लागू किया जाये।
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