विश्व सर्वाइकल कैंसरजागरुकता माह
Noida विश्व सर्वाइकल कैंसरजागरुकता माह के अवसर पर मेदांता हॉस्पिटल Noida के डॉक्टरों ने महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर की समय पर और सटीक जांच के महत्व के बारे में जागरुक करने के लिए एक पब्लिक जागरूकता सत्र
का आयोजन किया।
इस सत्र में विशेषज्ञों ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे आम लेकिन पूरी तरह से रोके जा सकने वाले कैंसरों में से एक है और एडवांस स्क्रीनिंग तकनीकों के जरिए इसकी समय रहते पहचान से इलाज के परिणाम और जीवन की गुणवत्ता दोनों में बड़ा सुधार संभव है।इस मौके पर मेदांता हॉस्पिटल, Noida के गायनेकोलॉजी एवं गायनेऑन्कोलॉजी विभाग की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. प्रिया बंसल और कैंसर केयर (एंडोक्राइन एवं ब्रेस्ट सर्जरी) विभाग के डायरेक्टर डॉ. वी. सीनू मौजूद रहे।

डॉ. प्रिया बंसल ने कहा कि इस प्रक्रिया में सर्वाइकल सेल्स को एक लिक्विड मीडियम में सुरक्षित किया जाता है, जिससे सैंपल ज्यादा साफ मिलता है, कंटैमिनेशन कम होता है और असामान्य सेल्स को बेहतर तरीके से देखा जा सकता है। इससे न केवल डायग्नोसिस की सटीकता बढ़ती है, बल्कि बार-बार जांच कराने की जरूरत भी कम हो जाती है, जो अक्सर पारंपरिक पैप स्मीयर में अस्पष्ट या अपर्याप्त सैंपल के कारण करनी पड़ती है।
सटीक डायग्नोसिस इलाज की दिशा तय करने में बेहद अहम भूमिका निभाता है।जब सर्वाइकल असामान्यताएं या कैंसर शुरुआती स्टेज में उच्च सटीकता के साथ पकड़ में आ जाते हैं, तो इलाज कम आक्रामक, फर्टिलिटी को सुरक्षित रखने वाला और अधिक टारगेटेड हो सकता है। कई मामलों में, सही स्क्रीनिंग के जरिए शुरुआती स्टेज में पहचानी गई बीमारी का इलाज मिनिमली इनवेसिव प्रोसीजर से किया जा सकता है, जिससे बड़ी सर्जरी, रेडिएशन या कीमोथेरेपी से बचा जा सकता है।सत्र के समापन पर मेदांता हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने महिलाओं से अपील की कि वे नियमित रूप से सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कराएं और असामान्य ब्लीडिंग, लगातार डिस्चार्ज या पेल्विक पेन जैसे शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें। साथ ही, उन्होंने एलबीसी जैसी एडवांस डायग्नोस्टिक सुविधाओं के बारे में जागरुक रहने पर भी जोर दिया।अस्पताल की ओर से व्यापक वुमन हेल्थ पैकेज भी उपलब्ध कराए जाते हैं, जिनमें एलबीसी टेस्ट शामिल है।
इस पहल के जरिए मेदांता ने प्रिवेंटिव हेल्थकेयर और कम्युनिटी अवेयरनेस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया और यह संदेश दिया कि सही स्क्रीनिंग टूल्स और समय पर इलाज के साथ सर्वाइकल कैंसर को न सिर्फ शुरुआती चरण में पहचाना जा सकता है, बल्कि कई मामलों में पूरी तरह से रोका भी जा सकता है।
सर्वाइकल कैंसर का कारण
* एचपीवी संक्रमण
अधिक यौन साथी होना
* शुरुआती उम्र में यौन संपर्क
धूम्रपान
* कम प्रतिरक्षा प्रणाली
* गर्भधारण और प्रसव की संख्या अधिक होना
* लंबे समय तक गर्भनिरोधक गोलियों का उपयोग
* अनियमित या बिना जांच के यौन स्वास्थ्य
* गरीबी और असमय स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव
* परिवार में सर्वाइकल कैंसर का इतिहास
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के आसान उपाय
* नियमित पाप स्मीयर टेस्ट और एचपीवी जांच कराएं।
* एचपीवी वैक्सीन लगवाएं।
* सुरक्षित यौन संबंध बनाएँ।
* धूम्रपान से बचें।
* स्वस्थ आहार और जीवनशैली अपनाएं।
* समय-समय पर डॉक्टर से जांच कराएं।
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