राजनीति के अद्भुत खिलाड़ी थे नेताजी सुभाषचंद्र बोस : पंडित रवि शर्मा

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नोएडा। नोएडा सेक्टर 22 आरडब्ल्यूए संरक्षक, समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव व ब्राह्मण रक्षा दल के मुख्य संरक्षक पंडित रवि शर्मा ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पुण्यतिथि पर मंगलवार को उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि आज सुभाषचंद्र बोस की पुण्यतिथि है। राजनीति के अद्भुत खिलाड़ी नेताजी सुभाषचंद्र बोस एक ऐसे व्यक्तित्व के धनी थे जिनके आदर्शों को जो मान लेगा उसका जीवन सफल हो जाएगा। वे जो चाहते थे वह करते थे।

भारत के इतिहास में नेताजी सुभाषचंद्र बोस के समान कोई व्यक्तित्व दूसरा नहीं हुआ, जो एक महान सेनापति, वीर सैनिक, राजनीति के अद्भुत खिलाड़ी और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नेताओं के समकक्ष बैठकर कूटनीति तथा चर्चा करने वाला हो। बात 76 साल पहले 18 अगस्त 1945 की है।

जापान दूसरा विश्व युद्ध हार चुका था। अंग्रेज नेताजी के पीछे पड़े हुए थे। इसे देखते हुए उन्होंने रूस से मदद मांगने का मन बनाया। 18 अगस्त 1945 को उन्होंने मंचूरिया की तरफ उड़ान भरी। इसके बाद किसी को फिर वो दिखाई नहीं दिए।5 दिन बाद टोक्यो रेडियो ने जानकारी दी कि नेताजी जिस विमान से जा रहे थे वो ताइहोकू हवाई अड्डे के पास क्रैश हो गया। इस हादसे में नेताजी बुरी तरह से जल गए। ताइहोकू सैनिक अस्पताल में उनका निधन हो गया। नेताजी के निधन के 76 साल बाद भी उनकी मौत रहस्य बनी हुई है।

भगतसिंह की फांसी ही नेताजी और महात्‍मा गांधी में मतभेद का कारण बनी। नेताजी ने भारत की आजादी के लिए विदेशी नेताओं से दबाव डलवाने के लिए इटली में मुसोलिनी, जर्मनी में फेल्‍डर, आयरलैंड में वालेरा और फ्रांस में रोमा रोनांड से मुलाकात की थी। नेताजी इतने लोकप्रिय थे कि 1939 में वे महात्‍मा गांधी के उम्‍मीदवार सीतारमैया को हराकर एक बार फिर कांग्रेस के अध्‍यक्ष चुने गए थे। उनकी लोकप्रियता का आलम यह था कि

यदि वे जीवित होते तो भारत 1947 से पहले ही आजाद हो जाता और महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू का कोई नाम लेने वाला नहीं होता।

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