जनपद में 60 साल से ऊपर के सभी राशन कार्ड धारक के बनेंगे आयुष्मान कार्ड

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नोएडा। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत अब राशन कार्ड धारक सभी वरिष्ठ नागरिकों (60 साल से ऊपर) का आयुष्मान कार्ड बनाया जाएगा। इस संबंध में प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पत्र भेज कर निर्देश दिया है। प्रदेश में पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारक के ऐसे 11.74 लाख परिवार हैं, जिनमें सभी सदस्य वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष से ऊपर) हैं। इन सभी को अतिरिक्त परिवारों के सापेक्ष सम्मिलित करने का निर्णय लिया गया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. सुनील कुमार शर्मा ने बताया- प्रमुख सचिव के आदेश के अनुपालन में कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। जनपद में करीब 6386 परिवार ऐसे हैं, जिनमें 60 साल से ऊपर के सदस्य हैं। इस सभी पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाये जाने हैं। यह डाटा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (एनएफएसए) से लिया गया है, जो पूर्णतः आधार सीडेड है, जिस कारण इन परिवारों का स्थलीय (भौतिक) स्तर पर चिन्हांकन अत्यन्त सुगम एवं सुलभ होगा।

यह डाटा योजनान्तर्गत संचालित पोर्टल पर सम्मिलित कर लिया गया है।उन्होंने बताया-पात्र लाभार्थी स्वयं या किसी भी स्वयंसेवी / सरकारी कर्मचारी / राशन दुकानदार या कोई अन्य साधन द्वारा भी पोर्टल (https://beneficiary.nha.gov.in) या ऐप (Ayushman App) के माध्यम से अपना आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं।

आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में प्रदेश में 22 वें स्थान पर आया जनपद

आयुष्मान भारत योजना की जिला सूचना प्रणाली प्रबंधक अनामिका चौहान ने बताया- लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में रैंकिंग में सुधार हुआ है। अब जनपद गौतमबुद्धनगर प्रदेश में 22 वें स्थान पर आ गया है। जनपद में 1.05 लाख से अधिक कार्ड बनाए जा चुके हैं। 17 सितम्बर से दो अक्टूबर तक चले आयुष्मान भव: अभियान के तहत 43616 कार्ड बनाए गये।

उपचार के मामले में दूसरे स्थान पर जनपद

अनामिका चौहान ने बताया- उपचार मुहैया कराने के मामले में जनपद प्रदेश में दूसरे स्थान पर हैं। योजना शुरू होने से अब तक करीब 46252 लाभार्थियों को योजना से आबद्ध सरकारी व निजी अस्पतालों में उपचार उपलब्ध कराया जा चुका है। जनपद में योजना से आबद्ध 51 अस्पताल हैं, जिनमें 12 सरकारी और 39 निजी अस्पताल हैं। जनपद में 53685 लाभार्थी परिवार हैं।

उन्होंने बताया- योजना के अंतर्गत प्रति परिवार, प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के निशुल्क उपचार की सुविधा योजना से आबद्ध चिकित्सालयों में मिलती है।

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