Jaitpura Depot से बौड़ाकी तक मेट्रो के विस्तार को मिली मंजूरी

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Jaitpura Depot

Jaitpura Depot में मेट्रो के विस्तार के साथ बनेगा मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब

नोएडा के सेक्टर 51 से ग्रेटर नोएडा के Jaitpura Depot तक चलने वाली मेट्रो अब बोड़ाकी तक दौड़ेगी। प्रदेश सरकार ने कैबिनेट बैठक में मेट्रो के विस्तार को मंजूरी दे दी है। इसकी डीपीआर भी तैयार हो गई है। करीब 2.6 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड ट्रैक पर दो स्टेशन होंगे। इस रूट के बनने से दादरी और बोड़ाकी के आसपास से नोएडा ग्रेनो के बीच सफर करने वाले लाखों यात्रियों को सहूलियत मिलेगी।

ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी में मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब का बनना है। यहां पर रेल, मेट्रो, अंतर्राज्यीय बस अड्डा और स्थानीय ट्रांसपोर्ट की सुविधाएं विकसित होगी। नोएडा-ग्रेनो के बीच एक्वा लाइन मेट्रो का आखिरी स्टेशन Jaitpura Depot है।

Jaitpura Depot

यहां से बोड़ाकी तक मेट्रो का विस्तार होना है। इसकी डीपीआर तैयार कर ली गई है। लेकिन हर बार बजट को लेकर मेट्रो कॉरिडोर का मामला अटक जाता था। अभी तक एक्वा मेट्रो सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा Jaitpura Depot तक चलती है। मेट्रो के विस्तार को बढ़ाने के काफी समय से प्रयास जारी थे |

अब प्रदेश सरकार ने मेट्रो कॉरिडोर के विस्तार मुहर लगा दी है। इससे दादरी, ग्रेनो व नोएडा से दिल्ली तक के लिए सीधी कनेक्टिविटी होगी। अभी दादरी के लोग अलग अलग साधनों से ग्रेनो व नोएडा जाते हैं, जबकि कुछ लोग गाजियाबाद से घूमकर नोएडा जाते हैं। इससे लाखों यात्रियों को लाभ मिल सकेगा। अलीगढ़ से आने वाले लोग बोड़ाकी ट्रेन से उतरकर सीधे मेट्रो लेकर नोएडा और ग्रेनो जा सकेंगे।

शुरू में चार कोच की चलेगी मेट्रो
ग्रेटर नोएडा से बोड़ाकी तक पहले चार कोच की मेट्रो चलेगी। इससे परिचालन खर्च कम रहेगा। अधिकारियों के मुताबिक रूट पर यात्रियों की संख्या बढ़ने के बाद मेट्रो कोच की संख्या भी बढ़ा दी जाएगी।

ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी तक मेट्रो शुरू होने से एनएमआरसी की आमदनी बढ़ जाएगी। इस रूट पर फिलहाल लोग परिवहन के अन्य साधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। मेट्रो शुरू होने के बाद लोग इसका सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधानों के बजाए मेट्रो का इस्तेमाल कर सकेंगे।

सबसे ज्यादा इन गांवों को होगा फायदा

बोडाकी के आस-पास के गांव बोड़ाकी, कैटेहरा, चिटेहरा, दतावली और पल्ला गांव की जमीन पर मल्टीमॉडल टांसपोर्ट हब, मल्टी मॉडल लॉजेस्टिक हब, मल्टी मॉडल इंटीग्रेटिड इंडस्टियल टाउनशिप बसाई जा रही है। बोड़ाकी के आसपास सात गांवों की 478 हेक्टेयर जमीन पर यह परियोजनाएं उतारी जाएगी। इन दोनों परियोजनाओं को भारत सरकार की तरफ से मंजूरी मिल चुकी है। अब तक करीब 80 फीसदी जमीन प्राप्त हो गई है।

एनएमआरसी की बढ़ेगी आमदनी
ग्रेटर नोएडा मेट्रो रूट बोड़ाकी तक बढाए जाने से अभी तक घाटे में चल रही मेट्रो की आमदनी कई गुना बढ़ जाएगी। बोड़ाकी में पहले से दिल्ली-हावड़ा रेलवे लाइन निकल रही है। बोड़ाकी में रेलवे स्टेशन बना हुआ है। यहां पर कई ट्रेन के ठहराव हैं।

बोड़ाकी तक मेट्रो पर पहुंचने पर अलीगढ, खुर्जा, दनकौर और अजायबपुर रेलवे स्टेशन से दिल्ली में नौकरी पेशा करने वाले लोग ग्रेटर नोएडा एक्वा लाइन मेट्रो से नोएडा-ग्रेटर नोएडा, दिल्ली में आने-जाने की सुविधा आसान हो जाएगी। यात्रियों की संख्या में इजाफा हो जाएगा। इससे अभी तक घाटे में चल रही नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्वा लाइन मेट्रो की आमदनी बढ़ जाएगी।

बौड़ाकी में मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब भी प्रस्तावित
अहम है कि बोड़ाकी में मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब प्रस्तावित है। यहां रेल, मेट्रो, अंतरर्राज्यीय बस अड्डा की सुविधाएं विकसित होनी हैं। बोड़ाकी के पास रेलवे टर्मिनल बनेगा। इसके बनने से पूर्व की ओर जाने वाली अधिकतर ट्रेनें यहीं से चलेंगी।

ग्रेटर नोएडा व उसके आसपास रहने वालों को पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल के लिए ट्रेनें यहीं से मिल जाएगी। उन्हें दिल्ली, नई दिल्ली व आनंद विहार रेलवे स्टेशन जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

वहीं, अंतरराज्यीय व लोकल बस अड्डा बनेगा। इसके बन जाने से उद्योगों में काम करने वालों के लिए दूरदराज के साथ ही लोकल बसें मिल सकेंगी। नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच एक्वा लाइन मेट्रो का आखिरी स्टेशन Jaitpura Depot भी यहीं है। मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब में सिर्फ यात्रियों के लिए परिवहन की ही सुविधा नहीं होगी, बल्कि कई और गतिविधियां भी होंगी। इस हब में होटल भी बनेंगे। मीटिंग, कॉन्फ्रेंस या बिजनेस के काम से आने वाले लोग इन होटलों में ठहर सकेंगे। ऑफिस के लिए भी जगह होगी, पर्याप्त पार्किंग की भी सुविधा होगी। इसके लिए मल्टीलेवल पार्किंग भी बनाई जा सकती है।

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