Homeप्राधिकरण समाचारनोएडाNoida में फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश,चार बैंक खाते फ्रीज

Noida में फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश,चार बैंक खाते फ्रीज

फर्जी कॉल सेंटर

Noida बीमा पॉलिसी रिन्यू और लोन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर पर्दाफाश करते हुए थाना फेज-1 पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

आरोपियोंकी पहचान नोएडा भंगेल निवासी अनुज,दिल्ली निवासी राकेश कुमार, मनीष, शुभम सक्ससेना और सहजाद के रुप में हुयी है।इनके कब्जे से एक लैपटॉप,16 मोबाइल फोन और 45 कॉल डाटा शीट बरामद की गई हैं।साथ ही ठगी से जुड़े चार बैंक खातों में करीब 80 लाख रुपये की रकम फ्रीज कराई गई है।एडिशनल डीसीपी नोएडा शैव्या गोयल ने बताया कि बीते दिनों नोएडा पुलिस को इनपुट मिला था कि शहर में लोगों से ठगी करने वाला कॉल सेंटर संचालित हो रहा है।इसकी पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने सेक्टर-6 स्थित डी-16 मकान में संचालित कॉल सेंटर पर छापा मारा। पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों अनुज, राकेश कुमार, मनीष मंडल, शुभम सक्सेना और शहजाद अहमद को गिरफ्तार कर लिया।

ठगी से जुड़े चार बैंक खातों को फ्रीज कराया गया है, जिनमें करीब 80 लाख रुपये जमा होने की जानकारी सामने आई है।आरोपी कॉल सेंटर के माध्यम से आम नागरिकों को फोन कर खुद को बीमा कंपनी, बैंक या निवेश सलाहकार का प्रतिनिधि बताते थे।वे लोगों को लैप्स बीमा पॉलिसी के रुपये वापस दिलाने, बीमा पॉलिसी को कम समय में मेच्योर कराने और रियल एस्टेट में सुरक्षित निवेश का झांसा देते थे।भरोसा दिलाने के लिए फर्जी दस्तावेज और आकर्षक स्कीमों का सहारा लिया जाता था।आरोपी लोगों से पांच हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक का निवेश कराते थे।ठगी से प्राप्त रकम को फर्जी और किराये के बैंक खातों में ट्रांसफर कराया जाता था।

बाद में इस राशि को निकालकर आपस में बांट लिया जाता था। पुलिस को बरामद लैपटॉप से कॉल डाटा शीट, पीड़ितों की जानकारी और लेनदेन से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। आरोपियों के खिलाफ पहले से शिकायतें दर्ज जांच में सामने आया है कि आरोपियों के खिलाफ एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) पर विभिन्न राज्यों से संबंधित शिकायतें पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब डाटा के आधार पर पीड़ितों की पहचान कर उन्हें सूचना देने और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है।

एसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि दबोचे गए ज्यादातर आरोपी स्नातक हैं और उनकी आयु 20 से 35 साल के बीच है। पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया है कि आगामी दिनों में गिरोह के आरोपी कॉल सेंटर बंद कर फरार होने वाले थे।किराये के जिस मकान में कॉल सेंटर संचालित हो रहा था,उसके मालिक से भी पूछताछ की जाएगी।आरोपियों ने करीब चालीस हजार रुपये किराये पर हॉल लिया था।इसी में ठगी का पूरा सेटअप बनाया गया था। बीमा संबंधी डाटा गिरोह के आरोपियों को कहीं से मिला हुआ है। इसी के आधार पर वे ऐसे ग्राहकों को कॉल करते थे, जिनकी पॉलिसी लैप्स हो गई है।

इन बातों का हमेशा ध्यान रखें पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की कि बीमा पॉलिसी, निवेश या लोन से संबंधित किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या ई-मेल पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।कोई भी व्यक्ति यदि खुद को बैंक या बीमा कंपनी का अधिकारी बताकर राशि की मांग करता है, तो उसकी जानकारी संबंधित कंपनी के आधिकारिक माध्यम से जरूर सत्यापित करें। साथ ही, ओटीपी, बैंक खाता विवरण, एटीएम या डेबिट-क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। साइबर ठगी की आशंका होने या धनराशि ट्रांसफर हो जाने की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें।

YouTube:@noidasamachar
Facebook:@noidasamachar
Twitter:@noidasamacharh

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

ओमवीर सिंह आर्य एडवोकेट राष्ट्रीय अध्यक्ष जन आंदोलन एक सामाजिक संगठन on ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर Greater Noida Authority के CEO को लिखा पत्र