Noida प्राधिकरण
Noida इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए Noida प्राधिकरण के सीईओने जल आपूर्ति व्यवस्था की तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए जल विभाग के अधिकारियों की एक हाईपावर तकनीकी समिति गठित की है।
इस समिति का मुख्य उद्देश्य पाइप लाइनों में रिसाव, जंग लगने जैसी समस्याओं की पहचान करना और जलाशयों व वॉटर एटीएम में आपूर्ति होने वाले पानी की शुद्धता की गहन जांच करना है। समिति अलग-अलग सेक्टरों और इलाकों से पानी के सैंपल लेकर उनकी जांच करेगी और जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट प्राधिकरण को सौंपेगी,ताकि भविष्य में इंदौर जैसी कोई घटना नोएडा में न हो सके।इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही के आरोप में जन स्वास्थ्य विभाग के चार में से तीन सहायक परियोजना अभियंताओं—उमेश चंद, राहुल गुप्ता और सुशील कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनका वेतन रोक दिया गया है।बता दे कि स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सीईओ ने शहर में फैली गंदगी और सफाई व्यवस्था पर भी नाराजगी जतायी।जन स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए मॉडर्न मैकेनाइज्ड मशीनों और नालों की सफाई के लिए मीडियम साइज उपकरण खरीदने के निर्देश दिए गए हैं।
समीक्षा बैठक में सड़क बुनियादी ढांचे की स्थिति पर भी चर्चा हुई। मास्टर प्लान रोड-3 के सुधार के लिए एसीईओ वंदना त्रिपाठी और ओएसडी महेंद्र प्रसाद की सदस्यता वाली एक विशेष टीम गठित की गई है।सीईओ के निर्देश पर इस टीम ने शुक्रवार को पूरे स्ट्रेच का अचानक निरीक्षण किया।टीम को 15 दिनों के भीतर सड़क सुधार के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा गया है।वही तालाबों के निर्माण कार्य की धीमी गति पर सीईओ ने गहरा असंतोष जताया।
उन्होंने साफ कहा कि जल संरक्षण से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। तालाब निर्माण में देरी करने वाले ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
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