यमुना एक्सप्रेसवे
यमुना एक्सप्रेसवे कोहरे के बढ़ते प्रभाव और लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) ने बड़ा फैसला लिया है। 15 दिसंबर से यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमित कर दी जाएगी। इस निर्णय की निगरानी और क्रियान्वयन के लिए स्वयं सीईओ राकेश कुमार सिंह ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।
कोहरे में अब सुरक्षित रफ्तार ही चलेगी
NOIDA से आगरा तक फैले 165 किमी लंबे एक्सप्रेसवे पर हर साल सर्दियों में तेज़ रफ्तार के कारण बड़ी दुर्घटनाएँ सामने आती हैं। एक्सप्रेसवे पर आवश्यक सुरक्षा इंतज़ामों की समीक्षा के बाद YEIDA के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने कोहरे के दौरान गति सीमा घटाने का आदेश जारी किया है।
नई गति सीमा इस प्रकार होगी:
कार/हल्के वाहन – अधिकतम 80 किमी/घंटा
भारी वाहन – अधिकतम 60 किमी/घंटा
सीईओ राकेश कुमार सिंह का आधिकारिक बयान
निर्णय को लेकर सीईओ राकेश कुमार सिंह ने कहा—“जन सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। एक्सप्रेसवे पर होने वाली अधिकतर दुर्घटनाओं का कारण तेज़ रफ्तार है। कोहरे में दृश्यता बेहद कम होती है, इसलिए गति सीमा लागू करना अनिवार्य है। जो भी वाहन निर्धारित स्पीड से ऊपर मिलेगा, उसका ई-चालान तुरंत जारी किया जाएगा।”उन्होंने यह भी कहा कि आगामी महीनों में एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा उपकरण और कैमरों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
24 घंटे निगरानी, ओवरस्पीड पर त्वरित ई-चालान
सीसीटीवी कैमरे, ऑटोमेटिक स्पीड डिटेक्शन सिस्टम और हाई-टेक वीडियो मॉनिटरिंग के जरिए वाहनों की गति पर चौबीसों घंटे नज़र रखी जाएगी।सीईओ राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर YEIDA कंट्रोल रूम में एक विशेष टीम बनाई गई है, जो ओवरस्पीड वाहनों पर तुरंत कार्रवाई करेगी।
सुरक्षा ऑडिट में रफ्तार को माना गया सबसे बड़ा कारण
YEIDA द्वारा कराए गए सुरक्षा ऑडिट में पाया गया कि: अलीगढ़ में 18 किमी का हिस्साहाथरस में लगभग 2 किमी का हिस्सादुर्घटनाओं के लिहाज़ से अधिक संवेदनशील हैं।अधिकतर मामलों में तेज़ गति और धुंध के कारण होने वाली विज़िबिलिटी की कमी को जिम्मेदार पाया गया।
सीईओ राकेश कुमार सिंह ने टीम को निर्देश दिए हैं कि संवेदनशील ज़ोन पर अतिरिक्त पेट्रोलिंग, स्पीड मॉनिटरिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएँ।
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