SARAS MELA
Noida केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय और राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान के सहयोग से नोएडा हाट, सेक्टर-33ए में आयोजित 5वें SARAS MELA के आठवें दिन शुक्रवार को “एसएचजी के लिए प्रभावी बिक्री संचार रणनीति” विषय पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं को उनके उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए प्रभावी संचार रणनीतियों के बारे में जानकारी दी गई।
प्रोफेसर डॉ. सुभाष धूलिया ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
सत्र के मुख्य वक्ता और आईआईएमसी के प्रोफेसर डॉ. सुभाष धूलिया ने एसएचजी की महिलाओं को संचार के महत्व पर विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा, “बिक्री के लिए उत्पाद की गुणवत्ता के साथ-साथ संचार रणनीति भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्राहकों के साथ आपका संवाद कैसा है, यह उन्हें खरीदारी के लिए प्रेरित करता है। भाषा से ज्यादा आपका मधुर व्यवहार और आत्मविश्वास मायने रखता है।
डॉ. धूलिया ने यह भी बताया कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में प्रभावी संचार के जरिए उत्पादों की बिक्री बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने महिलाओं को अपनी क्षेत्रीय भाषा में भी बेहतर संवाद करने की सलाह दी, क्योंकि यह ग्राहकों को जोड़ने का एक प्रभावी तरीका है।
राजेश्वरी एसएम ने दी विज्ञापन और प्रचार की सलाह
राष्ट्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की निदेशक राजेश्वरी एसएम ने इस अवसर पर कहा कि एसएचजी की महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए विज्ञापनों का सहारा लेना चाहिए। उन्होंने कहा, “आपको अपने उत्पादों की मार्केटिंग के लिए रचनात्मक तरीके अपनाने चाहिए। सरकार आपके बेहतर भविष्य और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। हम चाहते हैं कि आप सभी कुशल उद्यमी बनें।”
हथकरघा और साड़ियों की धूम
मेले के आठवें दिन हथकरघा, साड़ी और ड्रेस मटेरियल से जुड़े उत्कृष्ट उत्पादों की खरीदारी ने लोगों का ध्यान खींचा। राजस्थान, गुजरात और छत्तीसगढ़ की बैड शीट्स खास आकर्षण का केंद्र रहीं। ये उत्पाद न केवल सुंदर हैं, बल्कि टिकाऊ और आरामदायक भी हैं। मेले में 400 से अधिक महिला शिल्पकारों ने अपनी हस्तकला और पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन किया। ये महिलाएं विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं और अपने कौशल के जरिए ग्रामीण संस्कृति को जीवंत कर रही हैं।
इंडिया फूडकोर्ट का स्वादिष्ट आकर्षण
मेले में इंडिया फूडकोर्ट विभिन्न राज्यों के स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए भी लोकप्रिय रहा। फूडकोर्ट के कॉर्डिनेटर श्रयेष कश्यप ने बताया कि हर राज्य का अपना अलग मेन्यू है और यहां स्वच्छता एवं पवित्रता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। महिलाओं ने पूरी मेहनत और लगन के साथ व्यंजन तैयार किए और परोसे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद
मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी भरपूर आनंद लिया गया। आठवें दिन ऑर्ट ऑफ लिविंग के कलाकारों ने भजन संध्या की भक्तिमय प्रस्तुति से भगवान शिव का गुणगान किया। इससे पहले स्कूली बच्चों ने सामूहिक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया।
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