सेक्टर-36 स्थित साइबर क्राइम थाने की देखरेख का जिम्मा अब
कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पर होगा।
नोएडा जोन से ही इसकी देखरेख की जाएगी। इससे पहले थाना
लखनऊ से संचालित हो रहा था और स्थानीय कमिश्नरेट का यहां के कामकाज में किसी प्रकार का
हस्ताक्षेप नहीं था। शासन स्तर से आदेश जारी होते ही प्रदेश के सभी 18 परिक्षेत्रीय साइबर थाने को
जिले में मर्ज कर दिया गया है।
साइबर क्राइम की रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार ने करीब पांच साल
पहले प्रदेशभर में 18 परिक्षेत्रीय साइबर थानों का गठन किया था। इनमें रेंज के सभी जिलों की रिपोर्ट
दर्ज की जाती थी। इसी क्रम में गौतमबुद्घनगर में भी सेक्टर-36 में साइबर थाना का संचालन हो रहा
यहां पांच लाख रुपये से अधिक की ठगी के मामले दर्ज किए जाते हैं। इससे कम के मामले स्थानीय
थाने में दर्ज होते हैं।
अब प्रदेश सरकार प्रदेश के सभी जनपदों में साइबर थाने बनाने जा रही है। इसी क्रम में जिन जिलों में
परिक्षेत्रीय साइबर क्राइम थानों का संचालन हो रहा है। उसे वहां की जिला पुलिस या कमिश्नरेट में मर्ज
किया जा रहा है। इस बारे में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि आगामी 15 दिनों के
भीतर मर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। अभी साइबर थाने में 150 साइबर अपराधों की जांच
चल रही है। कमिश्नरेट में मर्ज होने के बाद थाने की कार्यप्रणाली कैसी होगी, अधिकारियों ने इस पर
मंथन करना शुरू कर दिया है।
जल्द ही थाना नए कलेवर में दिखेगा। इसके के साथ ही सेक्टर-36
स्थित साइबर थाने की प्रभारी निरीक्षक रीता यादव का आगरा तबादला हो गया है। वह पिछले कई सालों
से साइबर थाने का काम देख रही थीं। उनकी अगुवाई में बीते सालों में कई सक्रिय जालसाजों को दबोचा
गया था।